एक ऐसा शक्स जो कभी हार नहीं मानता। आखरी कोशिश के बाद भी एक चांस लेना पसंद करता है। पत्रकार बना क्योंकि समय की नजाकत थी। अच्छा लिख लेता हूँ, क्योंकि शौक को अपना प्रोफेशन बनाया। खुद पर यकीं है और मुझे नहीं लगता कि कोई ऐसा काम है, जिसे मैं नहीं कर सकता। अपने फैसलों पर टिके रहना मेरी आदत है।

Tuesday, September 30, 2008

भारत में माइक्रोफाइनेंस

भारत में माइक्रोफाइनेंस तेजी से विकसित हो रहा है. बस इसी पर बनाई एक स्टोरी. रविवारीय में ये स्टोरी २५ मई २००८ को प्रकाशित हुई. माइक्रोफाइनेंस एक बड़ा विषय है, इस ख़बर को करने के दौरान दो हफ्तों तक पढ़कर पता चला.



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