एक ऐसा शक्स जो कभी हार नहीं मानता। आखरी कोशिश के बाद भी एक चांस लेना पसंद करता है। पत्रकार बना क्योंकि समय की नजाकत थी। अच्छा लिख लेता हूँ, क्योंकि शौक को अपना प्रोफेशन बनाया। खुद पर यकीं है और मुझे नहीं लगता कि कोई ऐसा काम है, जिसे मैं नहीं कर सकता। अपने फैसलों पर टिके रहना मेरी आदत है।

Tuesday, February 10, 2009

जेब पर भारी बिजली


अंदरूनी खामियों के कारण राजस्थान की बिजली कंपनियां आज गहरे संकट से गुजर रही हैं और इसका सीधा असर आम उपभोक्ता पर पड़ रहा है। बिजली की दरें बढ़ रही हैं और घाटा भी। आखिर क्यों बढ़ रहा है आम उपभोक्ता पर भार और कहां खाक हो जाती है करोड़ों की बिजली? इस सारे मामले से परदा उठाती विशेष रिपोर्ट।

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