एक ऐसा शक्स जो कभी हार नहीं मानता। आखरी कोशिश के बाद भी एक चांस लेना पसंद करता है। पत्रकार बना क्योंकि समय की नजाकत थी। अच्छा लिख लेता हूँ, क्योंकि शौक को अपना प्रोफेशन बनाया। खुद पर यकीं है और मुझे नहीं लगता कि कोई ऐसा काम है, जिसे मैं नहीं कर सकता। अपने फैसलों पर टिके रहना मेरी आदत है।

Saturday, October 17, 2009

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं


यह दीपावली आपके पूरे परिवार के लिए ढेर सारी खुशियां और समृद्धि लाए। तरक्की के नए रास्ते खोले और सपनों को सच करने की एक नई शुरुआत बने। यह दीपावली हमारे ब्लॉगर परिवार के लिए भी नया दौर लेकर आए। इस दीपावली आप अपने परिवार को पूरा समय दें और बच्चों को ढेर सारा दुलार।


दीपावली मुबारक

12 comments:

अविनाश वाचस्पति said...

http://www.123greetings.com/send/view/10017809100655248387 इंटरनेट के इस युग में बिना ई शुभकामनाओं के बिना आनंद नहीं है।

Udan Tashtari said...

सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

सादर

-समीर लाल 'समीर'

Mishra Pankaj said...

दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

Ratan Singh Shekhawat said...

दीपावली पर्व की आपको घणी-घणी शुभकामनाएँ :)

आपकी भेजी डाक मिल गयी .पढ़कर बहुत बढ़िया लगा आपने अपनी रिपोर्ट में ई कचरे की हकीकत पर से पूरा पर्दा उठाया है |
एक बात और बताऊँ सदर बाजार में विदेशों से एक्सपायर्ड तारीख की खाद्य सामग्री भी इसी तादात में आती है | जितने भी विदेशी जूस और चोकलेट आती है ज्यादातर की तारीख एक्सपायर्ड होती है | और इस धंधे में भी ईमानदारी इतनी होती है कि थोक विक्रेता यह सब सच बताकर ही माल बेचता है |

Syed said...

आपको और आपके परिवार को भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

राजीव तनेजा said...

आपको भी दिपावली की बहुत-बहुत मुबारकबाद

अविनाश वाचस्पति said...

अरे भाई प्रवीण

ये चेतन भगत तो वही लग रहे हैं

जिन्‍होंने गांधी जी के नाम युवा पीढ़ी का एक खत लिखा है

उन्‍हें कहिएगा कि गांधी जी का पत्र आने ही वाला है जल्‍द ही नुक्‍कड़ पर।

ताऊ रामपुरिया said...

दिपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.

रामराम.

Pandit Kishore Ji said...

jakhar ji ko bahut bahut dhanyavaad is behatrin e greetings ke liye

शरद कोकास said...

आप कभी न हारे यह कामना ।

shankanad said...

dear praveen good blog

sarvesh dainik bhaskar sikar

Amit Bhatnagar said...

इस दीपावली पर बस यही शुभकामनाए देना चाहुँगा की आप जीत और हार के चक्रव्युहु से निकल, जिन्दगी में निरन्तर उन्नति के पथ पर अग्रसर रहे।

कबिरदास जी ने कहा है -
देह धरन का दोष है सब काहु को होय,
ज्ञानी भुगते ज्ञान से मुरख भुगते रोय।

प्रभू, अल्लाह, भगवान हमे ज्ञान दे ताकि हम हर तरह के चक्रव्युहु से निकलकर जिन्दगी को वास्तविक रुप मे जी पाये।

 
Design by Wordpress Theme | Bloggerized by Free Blogger Templates | coupon codes