एक ऐसा शक्स जो कभी हार नहीं मानता। आखरी कोशिश के बाद भी एक चांस लेना पसंद करता है। पत्रकार बना क्योंकि समय की नजाकत थी। अच्छा लिख लेता हूँ, क्योंकि शौक को अपना प्रोफेशन बनाया। खुद पर यकीं है और मुझे नहीं लगता कि कोई ऐसा काम है, जिसे मैं नहीं कर सकता। अपने फैसलों पर टिके रहना मेरी आदत है।

Thursday, December 17, 2009

...ये कौन 'पत्रकार' है!



इस कैरीकेचर को बनाने वाले चंद्रप्रकाश शर्मा (कार्टूनिस्ट) से मेरी मुलाकात लगभग पांच साल पहले हुई। उस दौरान राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट से डिग्री कर रहे चंद्रप्रकाश अक्सर पत्रिका के परिशिष्टों के लिए कार्टून, कैरिकेचर और चित्रकथाएं बनाने के फ्रीलांस प्रयास किया करते थे। मेरे कई घपले उजाकर करने वाली खबरों पर अक्सर चंद्रप्रकाश की प्रतिक्रियाएं मुझे मिलती रहीं। कोर्स पूरा हुआ और चंद्रप्रकाश भाग्य आजमाने मुंबई चले गए। आजकल मुंबई की एक एनिमेशन कंपनी में काम कर रहे चंद्रप्रकाश ने हाल ही मेरा कैरीकेचर बनाकर मुझे मेल किया।


चंद्रप्रकाश की इस कृति को मैं हमेशा सहेज कर रखना चाहूँगा।

7 comments:

Udan Tashtari said...

बहुत बढ़िया कैरीकेचर बनाया है आपके मित्र ने.

राजेश चौधरी said...

बहुत शानदार!

Kishore Choudhary said...

आपको देखा नहीं है, देखा तो किसी को भी नहीं जिनके इतने सुंदर केरीकेचर बनते हैं. अब ये अवसर भी मिल जायेगा जो आपसे मिल लूँगा.


चन्द्र प्रकाश जी का हुनर बोल रहा है शुभकामनाएं.

शशांक शुक्ला said...

अच्छा लगा

Ratan Singh Shekhawat said...

बहुत शानदार कैरीकेचर !

दुलाराम सहारण said...

नोंक पर किसको लटका रखा है जी?

बहुत ही जानदार बना है। बधाई बनाने वाले बंधु को।

संजय भास्कर said...

बहुत शानदार कैरीकेचर !

 
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